प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना

{योजनं की जानकारी}प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना 2021, PM गर्भावस्था सहायता योजना, आवेदन फार्म, जानकारी

शेयर करें

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना online form | प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महाराष्ट्र | प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना form pdf hindi | प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना फॉर्म

PM मातृत्व योंजना की शुरुवात हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 1 जनवरी 2017 को की थी | इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं व स्तनपान करने वाली माताओं को आर्थिक सहायता की जायेगी | प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना 2020-21 के नाम से भी जाना जाता है |

प्रिय मित्रों आज हम आप सभी को प्रधानमंत्री मातृत्व योजना 2020-21 के बारे में बताएँगे | और बताएँगे की अवेदन कैसे करे ताकि आप सब इस योजना का लाभ उठा सके |

Table of Contents

6000 रुपये गर्भावस्था सहायता योजना

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना 2020-21 के अंतर्गत हमारे देश के सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भवती महिला 6000 का लाभ मिल रहा है | और जिस गर्भवती महिला को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा या जो इच्छुक है इस योजना का लाभ लेने के लिए वो गर्भवती महिला अपने निजी स्वास्थ केंद्र या अगंबाड़ी में जाकर तीन आवेदन फार्म भर सकते है |

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना 2020-21 के लिए स्वास्थ केंद्र या अगंबाड़ी में सबसे पहले पंजीकरण करें | इसमें महिला व बाल विकास मंत्रालय एक नोडल एजेंसी की तरह कार्य करता है | इस योजन का लाभ उन्ही गर्भवती महिलाओं को मिलेगा जो जीवित बच्चे को जन्म देगी | और इस योजना के लिए वे गर्भवती महिला ही आवेदन कर सकती है जिनकी आयु 19 से अधिक है |

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना 2020-21 का क़िस्त कैसे मिलेगा

प्रधानमंत्री मातृत्व योजना 2020-21 में पैसे कुछ इस तरह से मिलेंगे सबसे पहले 1000 रुपये गर्भवती महिला द्वारा अंपने निजी स्वास्थ केंद्र या आगनबाडी में पंजीकरण करने पर मिलेगा | उसके बाद जब महिला को गर्भधारण के 6 महीने के होने पर प्रोयोगशाला के पुष्टि के बाद 2000 मिलेंगे | अंतिम क़िस्त जब महिला बच्चे के जन्म देने के बाद बच्चे के पंजीकरण या टिका जैसे (BCG,DPT,OPV) के पश्चात् मिलेगा | इस तरह से कुल 6000 रुपये दिए जाते है |

PM गर्भवती सहायता योजना का संक्षीप्त विविरण इस प्रकार है

योजना का नामPradhan Mantri Matritva Vandana Yojana
योजना का प्रकारकेंद्र सरकार की योजना
विभागमहिलाओं और बच्चों के विकास मंत्रालय
आवेदन की तिथिआरंभ है
आवेदन की अंतिम तिथिNot Declared
लाभार्थीगर्भवती महिला
लाभRs 6000
आवेदन का माध्यमhttps://wcd.nic.in/

प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता 2020-21 योजना का क्या उद्देश्य है?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब व कमजोर वर्ग के गर्भधारण करने वाले महिलों व स्तानपान करने वाली माताओं की आर्थिक स्तिथि में मदद करना है | इस स्थिति में 6000 रुपये दिए जाते है | ताकि इन वर्गों के महिलाओं को गर्भधारण के समय उपर्युक्त सुविधा मिल सके जैसे स्वस्थ सम्बंधित, उचित खान पान, आदि | और साथ ही माताओं को और बच्चों को कुपोषित से बचाना तथा मृत्यु दर को कम करना ही इस योजना का उद्देश्य है |

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)

  • भारत में अधिकांश महिलाओ को आज भी अल्पपोषण प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है | भारत में हर तीसरी महिला अल्प पोषित है तथा हर दूसरी महिला रक्ताल्पता से पीड़ित है | अल्पोषित माता अधिकांशत: कम वजन वाले शिशुओं को ही जन्म देती है | जब कुपोषण गर्भाशय में ही शुरू हो जाता है तो यह पुरे जीवन चक्र में चलता रहता है और ज्यादातर अपरिवर्तनीय होते है | आर्थिक एवं सामजिक तंगी के कारण कई महिलायं अपनी गर्भावस्था आखिरी दिनों तक अपने परिवार के लिए जीविका अर्जित करना जारी रखती है | इसके अलावा ये बच्चे को जन्म देने के बाद वक्त से पहले काम करना शुरू कर देती है, जबकि उनका शरीर इसके लिए तैयार नहीं होता है | इस प्रकार वे एक तरफ अपने शरीर को पूरी तरह ठीक होने से रोकती है और पहले छः माह में अपने नौनिहालों को अनन्य स्तनपान कराने की अपने सामर्थ्य में भी बाधा पहुँचाती है |
    • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अनुसरण में देश के सभी जिलो में 01 जनवरी 2017 से मातृत्व लाभ कार्यक्रम लागू हो गया है | इस कार्यक्रम का नाम (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना) रखा गया है |
    • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के अन्तर्गत जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य संबंदी विशिष्ट शर्तो की पूर्ति  पर परिवार में पहले जीवित बच्चे के लिए गर्भवती महिलाओ एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में सीधे 5000 /- की नकद राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाएगी |
    • पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतगत मातृत्व लाभ के लिए अनुमोदित मानदंडो के अनुसार शेष राशि प्राप्त करेंगे ताकि औसतन हर महिला को 6000 /- प्राप्त हो |
    • केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में पीएमएमवीवाई लाभर्थियों के लाभों का सीधे हस्तांतरण के प्रयोजनार्थ एक समर्पित निलंब लेखा (एस्क्रो एकाउंट) में राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनो को सहायता अनुदान (ग्रांट इन एंड) प्रदान किया जायेगा |
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अन्तर्गत छत्रछाया आईसीडीएस योजना की आंगनबाड़ी सेवा योजना के प्लेटफॉर्म का प्रयोग करके योजना को वह राज्यों / संघ राज्य क्षेत्र कागु करने से जहाँ इसे महिला एवं बाल विकास विभाग / समाज कल्याण विभाग के माध्यम कार्यान्वयन किया जा रहा है तथा वह राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों जहाँ यह योजना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है, इसे स्वास्थ्य प्रणाली के माध्यम कार्यान्वित किया जाएगा | प्रत्येक राज्य / संघ राज्य क्षेत्र के लिए पीएमएमवीवाई को कार्यान्वित करने वाले विभागों की सूची अनुलग्नक-क में उपलब्ध है |
    • पीएमएमवीवाई को केंद्रित स्तर पर सृजित वेब आधरित एमआईएस सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के माध्यम से कार्यान्वित किया जायेगा तथा कार्यान्वयन के फोकल बिंदु आंगनबाड़ी केंद्र तथा आशा / एएनएम कर्मी होंगे |
  • सोर्स – wcd

2.1 पीएमएमवीवाई के उद्देश्य

2.1.1 मजदूरी के क्षति के बदले में नकद राशि को प्रोत्साहन के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करना ताकि महिलाऐं पहले जीवित बच्चे के जन्म से पहले और बाद में पर्याप्त विश्राम कर सकें |

2.1.2 प्रदान किए गए नकद प्रोत्साहन राशि से गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं में स्वास्थ्य रहने के आचरण में सुधार होगा |

2.2 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना लक्षित लाभार्थी

2.2.1 ऐसी गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को छोड़कर जो केंद्र सरकार या राज्य सरकारों या सार्वजनिक उपक्रमों के साथ नियमित रोजगार में है या जो वर्तमान में लागू किसी कानून के अन्तर्गत समान लाभ कर रही है, सभी गर्भवती महिलाऐं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं |

2.2.2 सभी पात्र गर्भवती महिलाऐं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं को परिवार में पहले बच्चे के लिए जो 01.01.2017 या इसके बाद गर्भवती हुई है |

2.2.3 लाभार्थी के लिए गर्भधारण की तिथि तथा चरण की गणना एमसीपी गार्ड में यथा उल्लिखित उसकी पिछले माहवारी चक्र की तिथि के आधार पर की जाएगी |

2.2.4 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना गर्भपात / मृत जन्म का मामला

  1. लाभार्थी योजना के अन्तर्गत केवल एक बार लाभ प्राप्त करने के पात्र है |
  2. गर्भपात / मृत जन्म के मामले में लाभार्थी किसी भावी गर्भधारण की स्थिति में शेष क़िस्त (किस्तों) का दावा करने के लिए पात्र होंगे |
  3. इस प्रकार पहली क़िस्त प्राप्त करने के बाद यदि लाभार्थी का गर्भपात हो जाता है तो वह पात्रता के मानदंडो एवं योजना की शर्तों की पूर्ति के अधीन भावी गर्भधारण की स्थिति में के वाल दूसरी एवं तीसरी किस्त प्राप्त करने की पात्र होगी | इसी तरह यदि पहली और दूसरी क़िस्त प्राप्त करने के बाद लाभार्थी का गर्भपात हो जाता है या मृत शिशु का जन्म होता है तो वह पात्रता के मानदंडो एवं योजना की शर्तों की पूर्ति के अधीन भावी गर्भधारण की स्थिति में तीसरी किस्त प्राप्त करने की प्राप्त होगी |

2.2.5 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में शिशु मृत्यु का मामला

लाभार्थी योजना के अंतर्गत केवल एक बार लाभ प्राप्त करने के पात्र है | अर्थात् शिशु की मृत्यु हो जाने की स्थिति में वह योजना के अंतर्गत लाभों की दावा करने की पात्र नहीं होगी, यदि उसने पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पहले ही मातृत्व लाभ की सभी किस्ते प्राप्त कर ली है |

2.2.6 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/आंगनबाड़ी सहायिका/ आशा भी योजना की शर्तों की पूर्ति के अधीन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकती है |

2.3 पीएमएमवीवाई के अंतर्गत लाभ

तीन किस्तों में नकद प्रोत्साहन राशि अर्थात् संबंधित राज्य / संघ राज्य क्षेत्र द्वारा संचालन हेतु यथा चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्र / अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में गर्भधारण का पंजीकरण कराने पर 1000 /- की पहली क़िस्त, कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच कराने पर गर्भधारण के छः माह बाद 2000 /- की दूसरी क़िस्त और बच्चे के जन्म का पंजीकरण कराने तथा बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेप्टाइटिस बी या इसके समतुल्य / एवजी टीके का पहला चक्र लगवा लेने के बाद 2000 /- की तीसरी क़िस्त मिलेगी |

पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करेंगे तथा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रोत्साहन की गणना मातृत्व लाभ के लिए की जाएगी ताकि औसतन हर महिला को 6000 /- मिलें |

2.4 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में शर्तें एवं किस्तें

गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं नीचे दी गई सारणी में यथानिर्दिष्ट निम्नलिखित चरणों पर तीन किस्तों में 5000 /- नकद लाभ प्राप्त करेगी :-

शर्तें एवं किस्तें
किस्तशर्तेंराशि
पहली किस्तगर्भधारण का शीघ्र से पंजीकरण कराने पर1000 /- रूपये
दूसरी किस्तकम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच कराने पर (गर्भधारण के छः माह बाद इसका दावा किया जा सकता है)2000 /- रूपये
तीसरी किस्तबच्चे के जन्म का पंजीकरण कराने पर बच्चे ने बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी तथा हैप्टाइटिस बी या इसके समतुल्य / एवजी का पहला चक्र का टीका करवाने पर2000 /- रूपये

पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ के संबंध में अनुमोदित मानदंडो के अनुसार शेष नकद पुरुस्कार प्राप्त करेंगे ताकि औसतन हर महिला को 6000 /- मिले |

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना

2.5 पुराने मातृत्व लाभ कार्यक्रम का समापन

53 प्रायोगिक जिलों (अनुलग्नक-ड) में पुराने मातृत्व लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत लाभार्थी, जिन्होंने मातृत्व लाभ की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर ली है, जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ के संबंध में अनुमोदित मानदंडो के अनुसार नकद प्रोत्साहन प्राप्त करने तथा पीएमएमवीवाई के अंतर्गत तीसरी किस्त भी प्राप्त करने के पात्र होंगे, यदि वे योजना के अंतर्गत अन्यथा पात्र है तथा जननी सुरक्षा के अंतर्गत प्रोत्साहन तथा पीएमएमवीवाई के अंतर्गत तीसरी क़िस्त के लिए निर्धारित शर्तो को पूरा करते है |

53 प्रायोगिक जिलों में पात्र लाभार्थी जिन्होंने 01.01.2017 को या इसके बाद पुराने मातृत्व लाभ कार्यक्रम (आईजीएमएसवाई) के अंतर्गत पंजीकरण कराया है परंतु पहली किस्त प्राप्त नहीं की है, पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पंजीकरण करा सकते है |

53 प्रायोगिक जिलों की लिए पुराने मातृत्व तथा कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत लाभार्थियों के पीएमएमवीवाई में विलय की शर्तें

  • पुराने मातृत्व लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत 3000 /- की दो समान किस्तों में लाभार्थियों को 6000 /- के मातृत्व लाभ का वितरण किया जाता है | 3000 /- की पहली क़िस्त ऐसे लाभार्तियो को गर्भधारण के दुसरे सेमिस्टर के बाद प्रदान की जाती थी जिन्होंने कम से कम दो प्रसव पूर्व जाँच के साथ आंगनबाड़ी केंद्र / स्वास्थ्य केंद्र में अपना पंजीकरण कराया है | बच्चे के जन्म के पंजीकरण तथा योजना के शर्तों के अनुसार बच्चे का टीकाकरण पूरा होने के बाद दूसरी किस्त दी जाती है |
  • इस प्राकर यदि कोई महिला पुराने मातृत्व लाभ कार्यक्रम के अंतर्गत मातृत्व लाभ की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर चुकी है तो वह संस्था में प्रसव के लिए जननी सुरक्षा के अंतर्गत अनुमोदित मानदंडो के अनुसार नकद प्रोत्साहन प्राप्त करने तथा पीएमएमवीवाई के अंतर्गत तीसरी किस्त प्राप्त करने के लिए पात्र होगी यदि वह योजना के अंतर्गत अन्यथा प्राप्त है और संस्था में प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन तथा पीएमएमवीवाई के अंतर्गत तीसरी किस्त हेतु निर्धारित शर्तों को पूरा करती है |

3. दावे की प्रक्रिया

मामलो को प्रोसेस करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई की जाएगी ताकि सुरक्षित हो कि योजना के अंतर्गत शर्तें पूरी होने त्थापूर्ण विवरण के साथ दावे की प्रस्तुती एवं पंजीकरण होने के अधिकतम 30 दिन के अंदर पात्र लाभार्थी के खाते में किस्त का भुगतान हो जाए |

3.1        पंजीकरण तथा एडब्ल्यूडब्ल्यू/आशा/एएनएम को दावे की प्रस्तुति

3.1.1      योजना के अंतर्गत पंजीकरण

  • मातृत्व प्राप्त करने की लाभ इच्छुक पात्र महिलाओं राज्य / संघ राज्य क्षेत्र के कार्यान्वयन विभाग के आधार पर आंगनबाड़ी केंद्र / अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराया जाता है |
  • पंजीकरण के लिए लाभार्थी स्वयं तथा अपने पति द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित वचन पत्र / सहमति पत्र तथा संगत दस्तावेजों के साथ निर्धारित आवेदन फॉर्म 1क. जो हर दृष्टि से पूर्ण हो, आंगनबाड़ी केंद्र / अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में प्रस्तुत करेंगे | फॉर्म प्रस्तुत करते समय लाभार्थियों से योजना में आधार प्रयोग करने पर लाभार्थी एवं उसे पति का लिखित सहमति, अपना/पति/परिवार के सदस्य का मोबाईल नम्बर तथा अपने (लाभार्थी) बैंक/डाकघर खाते का ब्यौरा प्रस्तुत करने की अपेक्षा होगी |
  • आंगनबाड़ी केंद्र / अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से निर्धारित फॉर्म नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते है | फॉर्म महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट (www.wcd.nic.in ) से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं |
  • लाभार्थी से पंजीकरण तथा किस्त के दावे के लिए योजना के अंतर्गत निर्धारित फार्म भरने तथा आंगनबाड़ी केंद्र / अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में उसे जमा करने की अपेक्षा होगी |लाभार्थी को चाहिए कि वे रिकॉर्ड तथा भावी संदर्भ के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री / आशा / एएनएम से पावती लें |
  • निर्धरोत फार्म भरने के लिए संक्षिप्त अनुदेश निम्नानुसार है (अधिक जानकारी के लिए कृपया योजना के फार्म श्रंखला 1,2,3 और 4 तथा अनुलग्नक-ख और अनुलग्नक-ग देखें)
  • पंजीकरण तथा पहली किस्त का दावा करने के लिए, एमसीपी कार्ड (जच्चा-बच्चा संरक्षण कार्ड), लाभार्थी एवं उसके पति के पहचान के प्रमाण [दोनों का आधार कार्ड या अनुमत वैकल्पिक पहचान पत्र (अनुलग्नक-घ के अनुसार)] की प्रति तथा लाभार्थी के बैंक / डाकघर खाते के विवरणों के साथ विधिवत रूप से भरा गया फार्म 1क प्रस्तुत करना होगा | 
  • दूसरी किस्त का दावा करने के लिए, लाभार्थी से गर्भधारण के 6 माह बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जाँच को दर्शाने वाले एमसीपी कार्ड की प्रतिलिपि के साथ विधिवत रूप से भरा गया फार्म 1ख प्रस्तुत करना होगा |
  • तीसरी किस्त का दावा करने के लिए, लाभार्थी से बच्चे का जन्म के पंजीकरण की प्रति तथा एमसीपी कार्ड जिसमे दर्शाया गया हो कि बच्चे ने टीकाकरण का पहला चक्र या इसके समतुल्य / एवजी प्राप्त कर ली है की प्रति के साथ विधिवत रूप से भरा गया फार्म 1ग प्रस्तुत करना होगा |
  • यदि लाभार्थी ने योजना के अंतर्गत निर्धारित शर्तों का अनुपालन किया है परंतु निर्धारित समय के अंदर पंजीकरण नहीं करा पाई है / दावा प्रस्तुत नहीं कर पायी है तो वह पैरा 3.6 में निर्धारित ढंग से दावा (दावे) प्रस्तुतकर सकती है |
  • यदि पहले से बैंक / पोस्ट ऑफिस खाता लाभार्थी के नाम नहीं है तो एडब्ल्यूडब्ल्यू /आशा /एएनएम का आधार से जुड़ा बैंक / डाकघर खाता खुलवाने में सहायता प्रदान करेगी | यदि पहले से ही उसके नाम खाता है तो विद्यामान बैंक / डाकघर खाते के साथ आधार नम्बर नहीं जुड़ा है तो उसे आधार से जोड़ने में मदद करेगी |
  • लाभार्थी अपने आधार के साथ अपने बैंक खाते को जोड़ने के लिए फार्म 2क प्रस्तुत कर सकते है, यदि खाता पहले से आधार से नहीं जुड़ा है |
  • लाभार्थी अपने आधार्के साथ अपने डाकघर खाते को जोड़ने के लिए फार्म 2ख प्रस्तुत कर सकते है, यदि खाता पहले से आधार से नहीं जुड़ा है |   

प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता 2020-21 योजना का क्या क्या लाभ है?

  • इस योजना से मृत्यु दर में कमी आयेगी |
  • इस योजन का लाभ उन महिलाओं या स्तनपान करने वाली माताओं को मिलेगा जो मजदूर वर्ग या इस समय अपने स्वस्थ संबधित जरूरतों को पूरा नही कर पाते है | आर्थिक स्तिथि ख़राब होने के वजह से वे अपने बच्चे के सही तरीके से परवरिश नहीं कर पाते है |
  • इस योजना से गर्भधारण करने वाली महिलाये अपने जरूरतों को पूरा कर सकेंगी और और बच्चे को अच्छे परवरिश दे सकेंगी |
  • प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना में पैसे 6000 रुपये सीधे गर्भधारण महिलाओं के खाते में पहुंचती है|
  • इस योजना का लाभ वे महिलाये नही उठा सकती जो सरकारी नौकरी कर रही है |

प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • इस सहायता के लिए आवेदन कर रही महिला का उम्र 19 से कम नही होना चाहिए |
  • इस योजना का लाभ वही महिला ले सकती है जो 1 जनवरी 2017 के बाद गर्भधारण की है |
  • राशन कार्ड |
  • स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र |
  • माता पिता दोनों का अधराकार्ड |
  • बैंक पासबुक
  • माता पिता दोनों का id card |

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना 2020-21 में आवेदन किस प्रकार से करें?

  • इस योजना में आवेदन ऑफलाइन होगा ऑनलाइन नहीं होगा |
  • इस योजना में आवेदन करने के लिए तीन फार्म भरने होंगे |
  • इसके लिए आप अपने निजी स्वास्थ केंद्र या आगनबाडी में पंजीकरण का पहला फार्म भरें |
  • उसके बाद दूसरा या तीसरा फार्म वही स्वस्थ केंद्र या आगनबाडी में जाकर भरें |
  • तीनो फार्म हो जाने के बाद स्वास्थ केंद्र या आगनबाडी से एक स्लिप मिलेगा |
  • गर्भवती सहायता योजना 2020-21 के लिए आप आवेदन फ़ार्म महिला व बाल विकास मंत्रालय के ऑफिसियल साईट में जाकर डाऊनलोड कर सकते है |
  • इस प्रोसेस को फॉलो करके आप आवेदन भर सकते है |

डाउनलोड PDF

हेल्पलाइन नंबर

अगर आपको इस योजना में आवेदन करने पर कोई समस्या आ रही हो या इस योजना से जुड़े और अधिक जानकारी लेनी हो तो दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते है | मुख्य चिकित्सक डाक्टर हरगोविंद सिंह के अनुसार इस योजना के अंतर्गत जो महिला पहली बार गर्भधारण कर रही उनको 5000 तीन किस्तों में दिया जायेगा और पैसा सीधे महिला के अकाउंट में ट्रान्सफर होगा | और किसी भी प्रकार के इस योजना से जुड़े जानकारी के लिए 7998799804 पर कांटेक्ट कर सकते है | और साथ ही जिला कार्यक्रम समन्वयक सुमन शुक्ला के मोबाइल नंबर 9096210825 या जिला कार्यक्रम सहायक रितेश चौरशिया के मोबाइल नंबर 7905920818 पर भी कांटेक्ट कर सकते है

Related लिंक्स

http://rmk.nic.in/

http://www.cswb.gov.in/

http://cara.nic.in/

http://www.nmew.gov.in/

http://www.nmew.gov.in/

http://ncw.nic.in/


शेयर करें

headdead05@gmail.com

नमस्ते किसान भाइयो, मेरा नाम अनिल है और मै इस वेबसाइट का लेखक और साथ ही साथ सह-संस्थापक भी हूँ, Education की बात करें तो मै graduate हूँ, मुझे किसानो और ग्रामीणों की मदद करना अच्छा लगता है इसलिए मैंने आप लोगो की मदद के लिये इस वेबसाइट का आरम्भ किया है आप हमे सहयोग देते रहिये हम आपके लिए नयी-नयी जानकारी लाते रहेंगे | #DIGITAL INDIA

View all posts by headdead05@gmail.com →

प्रातिक्रिया दे